आज हिंदी दिवस पर विशेष ।
हिंदी तो बस हिंदी, हिंदी सम बस हिंदी,
देवनागरी , देवताओं द्वारा रचित
सुंदर अक्षर माला,
सरल, सरस, शाश्वत
विश्व की किसी भाषा में नही
गुणवत्ता हिंदी सम ,
अलंकार और उपमा,
सांगोपांग शब्दकोश
खोजने से भी ना मिले कहीं,
इतनी विराट, अनंत, गहराई समेटे ,
किसी और भाषा के लिये
है कल्पनातीत।
हिंदी तो बस हिंदी ।
कुसुम कोठारी।
हिंदी तो बस हिंदी, हिंदी सम बस हिंदी,
देवनागरी , देवताओं द्वारा रचित
सुंदर अक्षर माला,
सरल, सरस, शाश्वत
विश्व की किसी भाषा में नही
गुणवत्ता हिंदी सम ,
अलंकार और उपमा,
सांगोपांग शब्दकोश
खोजने से भी ना मिले कहीं,
इतनी विराट, अनंत, गहराई समेटे ,
किसी और भाषा के लिये
है कल्पनातीत।
हिंदी तो बस हिंदी ।
कुसुम कोठारी।






