प्रभु मुझ मे ज्वाला भर दीजे
अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजे
बस ऐसी शक्ति प्रभु दीजे
अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजे
आंख उठे जो ले बेशर्मी
उन आंखों से ज्योति छीन लूं
बन अम्बे दानव मन का
शोणित नाश करू कंसो का
अबला, निर्बल, निस्सहाय नारी का
संबल बनु दम हो जब तक
चीर हीन का बनु मे आंचल
आततायीयों की संहारक
काली दुर्गा शक्ति रूपेण बन
हनन करू सारे जग के खल जन
विनती ऐसी सुन प्रभु सुन लीजे
अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजे।।




