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Saturday, 19 May 2018

उठ के बस एक दीप जलाओ

निशा काली है घनी
उठ के बस एक दीप जलाओ

ख्वाब महल जो टूट गये हों
छोटा सा एक नीड़  बनाओ

सागर प्यास नही बुझाता
भर अंजली प्यास बुझाओ

नही हो हिस्से मे महफिल तो
मधुर कोई एक गीत ही गाओ

पथ मे ना हो फूल बिछे तो
मुस्कानो के फूल खिलाओ

चमन नही हो हरा भरा तो
छोटी सी एक पोध लगाओ

अमन चैन से रहना है तो
स्नेह विश्वास की ज्योत जलाओ।
             कुसुम कोठारी।

21 comments:

  1. दीप जलाओ ....बहुत खूब मीता सकरात्मक भाव जाग्रत करती रचना ...पथ अग्रसर करती रचना

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    1. सुंदर सार्थक प्रतिक्रिया का आभार मीता ।

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  2. निशा काली है घनी
    उठ के बस एक दीप जलाओ

    आशाओं से भरी खूबसूरत रचना

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    1. सादर आभार आपकी सार्थक प्रतिक्रिया का।

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  3. वाह!!!कुसुम जी ..बहुत ही सकारात्मकता से भरी रचना ....

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    1. सादर आभार शुभा जी।

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  4. कुसुम जी,वाव्व...बहुत ही सुंदर प्रस्तूती।

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    1. सादर आभार ज्योति जी

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  5. अमन चैन से जीना है तो
    स्नेह विश्वास की ज्योत जलाओ...
    वाह!!!
    बहुत सुन्दर सीख देती रचना...

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  6. निमंत्रण

    विशेष : 'सोमवार' २१ मई २०१८ को 'लोकतंत्र' संवाद मंच अपने साप्ताहिक सोमवारीय अंक के लेखक परिचय श्रृंखला में आपका परिचय आदरणीय गोपेश मोहन जैसवाल जी से करवाने जा रहा है। अतः 'लोकतंत्र' संवाद मंच आप सभी का स्वागत करता है। धन्यवाद "एकलव्य" https://loktantrasanvad.blogspot.in/



    टीपें : अब "लोकतंत्र" संवाद मंच प्रत्येक 'सोमवार, सप्ताहभर की श्रेष्ठ रचनाओं के साथ आप सभी के समक्ष उपस्थित होगा। रचनाओं के लिंक्स सप्ताहभर मुख्य पृष्ठ पर वाचन हेतु उपलब्ध रहेंगे।

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  7. आपकी लिखी रचना "मित्र मंडली" में लिंक की गई है https://rakeshkirachanay.blogspot.in/2018/05/70.html पर आप सादर आमंत्रित हैं ....धन्यवाद!

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  8. पथ मे ना हो फूल बिछे तो
    मुस्कानो के फूल खिलाओ
    ....सुन्दर सीख सकारात्मकता से भरी रचना

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  9. बेहद उम्दा, सुंदर सकारात्मक सीख देती रचना मीता

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    1. स्नेह आभार मीता ।

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  10. निराश मन में आशा का दीप जलाती सकारात्मक रचना
    बेहद खूबसूरत सादर नमन इस रचना को

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    1. स्नेह आभार आंचल बहन

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  11. आशा का सीप मन में सदा जलाए रखने की प्रेरणा देती रचना ... दिल में उतरते शेर ...

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    1. बहुत बहुत आभार आदरणीय।
      सुंदर उत्साह बढाती प्रतिक्रिया ।

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