Followers

Saturday, 19 May 2018

उठ के बस एक दीप जलाओ

निशा काली है घनी
उठ के बस एक दीप जलाओ

ख्वाब महल जो टूट गये हों
छोटा सा एक नीड़  बनाओ

सागर प्यास नही बुझाता
भर अंजली प्यास बुझाओ

नही हो हिस्से मे महफिल तो
मधुर कोई एक गीत ही गाओ

पथ मे ना हो फूल बिछे तो
मुस्कानो के फूल खिलाओ

चमन नही हो हरा भरा तो
छोटी सी एक पोध लगाओ

अमन चैन से रहना है तो
स्नेह विश्वास की ज्योत जलाओ।
             कुसुम कोठारी।

32 comments:

  1. दीप जलाओ ....बहुत खूब मीता सकरात्मक भाव जाग्रत करती रचना ...पथ अग्रसर करती रचना

    ReplyDelete
    Replies
    1. सुंदर सार्थक प्रतिक्रिया का आभार मीता ।

      Delete
  2. निशा काली है घनी
    उठ के बस एक दीप जलाओ

    आशाओं से भरी खूबसूरत रचना

    ReplyDelete
    Replies
    1. सादर आभार आपकी सार्थक प्रतिक्रिया का।

      Delete
  3. वाह!!!कुसुम जी ..बहुत ही सकारात्मकता से भरी रचना ....

    ReplyDelete
    Replies
    1. सादर आभार शुभा जी।

      Delete
  4. कुसुम जी,वाव्व...बहुत ही सुंदर प्रस्तूती।

    ReplyDelete
    Replies
    1. सादर आभार ज्योति जी

      Delete
  5. अमन चैन से जीना है तो
    स्नेह विश्वास की ज्योत जलाओ...
    वाह!!!
    बहुत सुन्दर सीख देती रचना...

    ReplyDelete
    Replies
    1. सस्नेह आभार सखी आपकी प्रतिक्रिया का सदा इंतजार रहता है।

      Delete
  6. निमंत्रण

    विशेष : 'सोमवार' २१ मई २०१८ को 'लोकतंत्र' संवाद मंच अपने साप्ताहिक सोमवारीय अंक के लेखक परिचय श्रृंखला में आपका परिचय आदरणीय गोपेश मोहन जैसवाल जी से करवाने जा रहा है। अतः 'लोकतंत्र' संवाद मंच आप सभी का स्वागत करता है। धन्यवाद "एकलव्य" https://loktantrasanvad.blogspot.in/



    टीपें : अब "लोकतंत्र" संवाद मंच प्रत्येक 'सोमवार, सप्ताहभर की श्रेष्ठ रचनाओं के साथ आप सभी के समक्ष उपस्थित होगा। रचनाओं के लिंक्स सप्ताहभर मुख्य पृष्ठ पर वाचन हेतु उपलब्ध रहेंगे।

    ReplyDelete
  7. आपकी लिखी रचना "मित्र मंडली" में लिंक की गई है https://rakeshkirachanay.blogspot.in/2018/05/70.html पर आप सादर आमंत्रित हैं ....धन्यवाद!

    ReplyDelete
  8. पथ मे ना हो फूल बिछे तो
    मुस्कानो के फूल खिलाओ
    ....सुन्दर सीख सकारात्मकता से भरी रचना

    ReplyDelete
  9. बेहद उम्दा, सुंदर सकारात्मक सीख देती रचना मीता

    ReplyDelete
    Replies
    1. स्नेह आभार मीता ।

      Delete
  10. निराश मन में आशा का दीप जलाती सकारात्मक रचना
    बेहद खूबसूरत सादर नमन इस रचना को

    ReplyDelete
    Replies
    1. स्नेह आभार आंचल बहन

      Delete
  11. आशा का सीप मन में सदा जलाए रखने की प्रेरणा देती रचना ... दिल में उतरते शेर ...

    ReplyDelete
    Replies
    1. बहुत बहुत आभार आदरणीय।
      सुंदर उत्साह बढाती प्रतिक्रिया ।

      Delete
    2. बेहतरीन रचना
      अमन चैन से रहना है तो ,
      स्नेह विश्वास की जोत।जलाओ प्रेरणादायी

      Delete
    3. जी बहुत बहुत आभार आपकी प्रोत्साहित करती प्रतिक्रिया के लिये ।

      Delete
  12. पथ मे ना हो फूल बिछे तो
    मुस्कानो के फूल खिलाओ 👌👌
    बेहद खूबसूरत रचना सखी

    ReplyDelete
    Replies
    1. सस्नेह आभार सखी आपकी मनभावन प्रतिक्रिया के लिये ।

      Delete
  13. बहुत बहुत सुंदर बिटिया कुसुम मुझे ऐक बात समझनी है मेरा ये जो ब्लॉग बना हुवा है इस पर लिखने का ऑबस्न नही दिख रहा है ।।

    ReplyDelete
    Replies
    1. सारी काकासा बहुत दिन बाद आई आशा करती हूं आपको समाधानमिल गया होगा।
      सादर आभार।

      Delete
  14. बहुत ही सुन्दर सखी 👌👌

    ReplyDelete
    Replies
    1. सधन्वाद सखी आपको ब्लॉग पर देख बहुत खुशी हुई, सदा स्नेह बनाये रखें

      Delete
  15. बहुत ही उत्कृष्ट सीख दीदी, वाह

    ReplyDelete
    Replies
    1. सस्नेह आभार भाई अमित जी ।
      उत्साह वर्धन करती है आपकी प्रतिक्रिया ।

      Delete