मन की वीणा - कुसुम कोठारी।

Tuesday, 30 July 2019

मुंशी प्रेमचंद

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युग प्रवर्तक ,साहित्य शिरोमणि, आधुनिक हिंदी कहानी के पितामह, उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद। अगर आपके पास थोडा भी हृदय है तो क्या मजाल...
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Saturday, 27 July 2019

सीप की वेदना

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सीप की वेदना हृदय में लिये बैठी थी एक आस का मोती, सींचा अपने वजूद से, दिन रात हिफाजत की सागर की गहराईयों में, जहाँ की नजरों से दूर...
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Wednesday, 24 July 2019

कारगिल विजय

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कारगिल दिवस पर सैनिकों को समर्पित वीर ! देश के गौरव हो तुम माटी की शान तुम , भूमि का अभिमान तुम देश की आन तुम, राह के वितान तुम। ...
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बरस ऋतु सावन की आई

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बरस ऋतु सावन की आई अल्हड़ शरमाती ,इठलाती , मेंहदी रचे हाथों में बरसता सावन भर मुख पर उड़ाती , हाथों में चेहरा छुपाती हटे हाथ , निकला...
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Thursday, 18 July 2019

एक ग़ज़ल बना दूं

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एक ग़ज़ल बना दूं एक ग़ज़ल खूबसूरत बना दूं तो कोई बात हो फूल आसमानों में खिला दूं तो कोई बात हो। हवाओं में बहका - बहका सा अंदाज है ए...
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Tuesday, 16 July 2019

धरा का स्वयंवर

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धरा का स्वयंवर धरा ने आज देखो स्वयंवर है रच्यो । चंद्रमल्लिका हार सुशोभित सज्यो। नव पल्लव नर्म उर चूनर धानी रंग्यो। सरस गुलाबी...
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Monday, 15 July 2019

सावन अब कैसा सावन

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सावन अब कैसा सावन वारिध ने अपनी चाल ही बदल़ दी ना वो लयबद्ध झड़ी बादलों की ना वो बहारें, ना वो मिट्टी की भीनी सौंधी खुशबू ना वो सावन...
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