मन की वीणा - कुसुम कोठारी।

Wednesday, 19 July 2023

अनुशीलन माँ शारदे

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 अनुशीलन माँ शारदे हाथ में कूची उठाई आ गये माँ तव शरण है कला माध्यम उत्तम कोटि करते हैं भरण। बान अनुशीलन रहे तो शब्द बनते शक्ति है  नित निखर...
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Tuesday, 6 June 2023

पर्यावरण और गर्मी

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 गीतिका : 221 2122 221 2122. पर्यावरण और गर्मी सविता धधक रहा है जीवन व्यथित हुआ अब। हैं नीर रिक्त सरवर सूखे कुएँ  सरित सब।। अंगार से लगे है ...
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Thursday, 1 June 2023

हिल्लोल

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 हिल्लोल चाँदनी का बाँध टूटा भू उमंगित हो नहाए पेड़ डूबे पात निखरे चाँद फुनगी पर सुहाए। खिलखिलाती है हवाएँ झूमती हिल्लोल लेने पात पादप में उ...
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Wednesday, 17 May 2023

धरा फिर मुस्कुराई

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 धरा फिर मुस्कुराई सिंधु से आँसू उठाकर  बादलों ने घर दिए ताप से जलती धरा पर लेप शीतल कर दिए। नेह सिंचित भूमि सरसी पोर मुखरित खिल गया ज्यों व...
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Thursday, 11 May 2023

हम तुम

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 तुम हम हृदय खिला है उपवन जैसा हरा हुआ मन पीत सरगम बजती पंचम सुर में गूंज रहे हैं गीत। सरिता के तट बैठे तुम-हम पाँव नीर में डाल झिंगुर गुनगु...
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Wednesday, 26 April 2023

औषधियाँ दोहो में

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 चलें प्रकृति की ओर,दादी नानी की सुझाई रामबाण औषधियाँ दोहो में। अश्वगंधा (असगंध)  चूर्ण ग्राम असगंध दो करें शहद सह योग। जो पीपल के साथ लें, ...
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Thursday, 20 April 2023

दोहे नीति के

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दोहे नीति के  १)करो प्यार निज देश से, इससे बढ़ता मान। यही हमारा गर्व हो, यही हमारी आन।। २)जल को जीवन जानिये, और मानिए प्राण। जल बिना इस सृष्...
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