मन की वीणा - कुसुम कोठारी।
Saturday, 31 July 2021
मुंशी जी की जन्म जयंती पर
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युग प्रवर्तक ,साहित्य शिरोमणि, आधुनिक हिंदी कहानी के पितामह, उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद। अगर आपके पास थोडा सा हृदय है तो क्या मजाल की मुं...
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Wednesday, 28 July 2021
लक्ष्य बुलाता
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लक्ष्य बुलाता जीत कर देखा बहुत खेलते हैं हार तक। इक नया सोपान रख बादलों के द्वार तक। झिलमिलाता है गगन शर्वरी इठला रही नाचती है कौमुदी रूप श्...
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Sunday, 25 July 2021
तिमिर के पार जिजीविषा
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तिमिर के पार जिजीविषा दूर तिमिर के पार एक आलौकिक ज्योति-पुंज है। एक ऐसा उजाला जो हर तमस पर भारी है। अनंत सागर में फंसी नैया हिचकोले खात...
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Wednesday, 21 July 2021
चाय सुधा रस
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चाय सुधा रस उठ भगाना भूत आलस और मन जाये बहल ये।। आँच पर पानी बिठाया एक चम्मच कूट अदरक मुंह से भी भाप निकले खोल आये जल्द मनलख चाय के बिन अब ...
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Sunday, 18 July 2021
क्लांत सूरज
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क्लांत सूरज दिन चला अवसान को अब नील नभ पर स्वर्ण घेरा काल क्यों रुकता भला कब रात दिन का नित्य फेरा ।। थक चुका था सूर्य चलकर क्लांत मन...
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Friday, 16 July 2021
भाव शून्य
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भाव शून्य क्रूर सोच जगती में बढ़ती पाप कर्म के मेघ सघन। अपना ही सब संगम रचते बने टनाटन कर नाहन ।। भाव शून्य हैं पाथर जैसे गर्म तवे ज्यों बू...
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Saturday, 10 July 2021
मौसम
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मौसम गंध लेकर पुष्प महके आ गया मौसम सुहाना बोल बोले भृंग भोले कोकिला गाती तराना।। कल्पना में तीर यमुना श्याम का आनन सलौना राधिका थी मानिन...
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