मन की वीणा - कुसुम कोठारी।

Friday, 28 June 2019

पहली बारिश की दस्तक

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पहली बारिश की दस्तक दस्तक दे रहा, दहलीज पर कोई चलूं उठ के देखूं कौन है, कोई नही दरवाजे पर फिर ये धीरे धीरे मधुर थाप कैसी? चहुँ ओर ए...
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Thursday, 27 June 2019

रिमझिम का संगीत बारिश

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रिमझिम का संगीत बारिश बारिश की बूंदों में         जो सरगम होती वह तन चाहे ना भिगोती       पर मन भिगो देती । प्यासी कई मास से     ...
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Sunday, 23 June 2019

घन

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पवन की पालकी सवार होके घन, निकले शान से। काले कजरारे नीर भार भरे घन, नेह करे, दामिनी से। उमड़ते घुमड़ते घनघोर रोर करे घन, समीर ...
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Tuesday, 18 June 2019

रानी लक्ष्मी बाई

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वीरांगणा रानी लक्ष्मी बाई के बलिदान दिवस पर कोटिशः नमन। 🙏 देश का गौरव वीर शिरोधार्य थी। द्रुत गति हवा सी चलती तेज धार थी। काट कर...
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Monday, 17 June 2019

नीम बाल कविता

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बाल कविता- नीम आंगन में नीम एक देता छांव घनेरी नेक हवा संग डोलता मीठी वाणी बोलता पंछियों का वास नीड़ था एक खास चीं चपर की आती ध्...
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Saturday, 15 June 2019

पिता क्या होते हैं

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आज पितृ दिवस पर देकर मुझ को छांव घनेरी कहां गये तुम हे तरूवर अब छांव कहां से पाऊं देकर मुझको शीतल नीर कहां गये हे नीर सरोवर अब अम...
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Friday, 14 June 2019

उजाले अंधेरे

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कहीं कोरी उजली कहीं स्याह अधेंरों की दुनिया कहीं आंचल पड़ता छोटा कहीं मुफ़लिसी में दुनिया। कहीं है दामन में भरे चांद और सितारे कहीं म...
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