मन की वीणा - कुसुम कोठारी।

Thursday, 31 January 2019

छलावा

›
"छलावा", को प्रतिलिपि पर पढ़ें : https://hindi.pratilipi.com/story/5Wvk2KWLQuRn?utm_source=android&utm_campaign=content_share भ...
Wednesday, 30 January 2019

वीर देश के गौरव

›
युवा वर्ग को आह्वान ओ वीर देश के गौरव वीर देश के गौरव हो तुम माटी की शान तुम भूमि का अभिमान तुम देश की आन तुम राह के वितान तुम। ...
8 comments:
Saturday, 26 January 2019

अवसाद और प्रसन्नता

›
अवसाद, प्रसन्नता कदम बढते गये बन राह के सांझेदार मंजिल का कोई ठिकाना ना पड़ाव उलझती सुलझती रही मन लताऐं  बहकी सी लिपटी रही सोचों ...
34 comments:

अवसाद मां सीता का

›
अवसाद मां सीता का मां सीता का मौन  विलाप जब उन्हें लक्ष्मण जी वन में छोड़  आये। अवसाद में घिरा था मन कराह रहे वेदना के स्वर कैसी क...
15 comments:
Wednesday, 23 January 2019

चांद का सम्मोहन

›
चांद का सम्मोहन प्राचीर से उतर चंचल उर्मियाँ आंगन में अठखेलियाँ कर रही थी और मैं बैठी कृत्रिम प्रकाश में चाँद पर कविता लिख रही थी म...
27 comments:
Tuesday, 22 January 2019

आह्वान सुभाष का

›
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर आह्वान देशवासियों से विजय शंख का नाद है गूंजा वीरों की हुंकार है  गरजी सोते शेर जगाये कितने आह्वा...
17 comments:
Monday, 21 January 2019

एक नया गीत

›
आज नया एक गीत ही लिख दूं।               वीणा का गर               तार न झनके               मन  का कोई             साज ही लिख दूं। आज...
14 comments:
‹
›
Home
View web version

About Me

मन की वीणा
View my complete profile
Powered by Blogger.